क्या अनुशासन के लिए शारीरिक दंड ठीक है?

क्या अनुशासन के लिए शारीरिक  दंड ठीक है? Is Physical punishment OK to discipline your child?

माता-पिता आमतौर बच्चों या किशोरों पर अवांछित व्यवहार के जवाब में अनुशासित करने के लिए  शारीरिक दंड देते हैं।

लड़कों को लड़कियों की तुलना में अक्सर घर और स्कूल दोनों जगह ज्यादा शारीरिक दंड दीया जाता है। कुछ देशों ने बच्चों की पिटाई को घरों, स्कूलों सहित हर सेटिंग में  दंडनीय अपराध ठहराया है।

शारीरिक दंड में शारीरिक बल का उपयोग शामिल है, जिसके परिणामस्वरूप बच्चे को शारीरिक दर्द या परेशानी का अनुभव होता है 

ऐसा  बच्चों के व्यवहार में सुधार लाने या उन्हें दंडित करने के लिए किया जाता है।

इसमें मारना,  नोचना, घसीटना, भूखे रखना इत्यादि शामिल हैं।  

क्या एक बच्चा को शारीरिक रूप से दंडित करना अथवा मारना कभी ठीक है? यह हर माता-पिता के लिए एक बड़ा सवाल है। 

मैंने इस प्रश्न को विभिन्न सामाजिक स्थलों के सर्वेक्षण के रूप में लिखा है और पाया कि वर्तमान समय में माता-पिता की मानसिकता बदल रही है

 हर  माता पिता   बच्चों को मार  कर सुधारने के पक्ष में नहीं है

 कोई भी अपने बच्चे को मज़े के लिए डांटना या मारना नहीं चाहता है। यह सवाल तब उठता है जब बच्चे के अनुशासन की बात आती है।

हालांकि अधिकांश लोग  बच्चों को शारीरिक दंड देने की बात पर इनकार करते हैं परंतु फिर भी बहुत से माता पिता बच्चों को अनुशासन सिखाते हुए गुस्से में थोड़ा हाथ उठाए देते हैं

 सिर पर छोटी सी  मार या धीरे से चिमटी काटना भी बच्चों को अनुशासित करने के वह तरीके हैं जो शायद शारीरिक दंड का ही रूप है

क्या अनुशासन के लिए शारीरिक  दंड ठीक है? माता-पिता आमतौर बच्चों या किशोरों पर अवांछित व्यवहार के जवाब में  शारीरिक दंड देते हैं।

शारीरिक दंड विरोधियों के अनुसार:

अधिकांश बाल मनोवैज्ञानिक, बाल रोग विशेषज्ञ, तथाकथित पैरेंटिंग विशेषज्ञ, शिक्षक और मध्यवर्गीय माता-पिता  जो शारीरिक दंड का विरोध करते हैं उनके अनुसार:

  • पिटाई से बच्चे को जीवन भर का भावनात्मक नुकसान हो सकता है। 
  • कभी-कभी यह शारीरिक नुकसान भी पहुंचा सकता है।
  • एक बच्चे को मारना उन्हें हिंसक वयस्क बनना सिखाता है।

 इसके अलावा, उनके अनुसार एक बच्चे को अनुशासित करने के लिए बहुत सारे अन्य तरीके अपनाए जा सकते हैं।

शारीरिक दंड के समर्थकों के विचार: 

शारीरिक दंड के समर्थक अक्सर वे होते हैं जो सोचते हैं कि यदि  वे अपने बचपन में मार खाकर अनुशासित हो सकते हैं तो उनके बच्चों को भी इस तरह अनुशासित करना ठीक है। 

  • समर्थकों का कहना है कि शारीरिक दंड मिलने के डर से बच्चे जल्दी अनुशासन में आ जाते हैं और उनको   अनुशासन भांग ना करने की बेहतर समझ पैदा होती है। 
  • यह भी तर्क है कि कभी-कभी जा बच्चा बेवजह या बुरी तरह से दुर्व्यवहार कर रहा होता है और माता-पिता के पास कोई दूसरा रास्ता नहीं होता। 
  •  समर्थकों का यह भी कहना होता है कि किस तरह उनका बच्चा मार खाकर तुरंत बात मान लेता है जबकि वे माता-पिता जो व्यवहार को बदलने के लिए शारीरिक दंड का उपयोग नहीं करते उनको अपने बच्चे को अनुशासित करने के लिए लंबे समय तक बार-बार एक ही बात  दौरानी होती है और यह भी पक्का नहीं होता कि बच्चा बात मानेगा या नहीं।

आज बाल अनुशासन के रूप में  शारीरिक दंड का उपयोग कौन करता है?

 यह जानना मुश्किल है कि वास्तव में कितने प्रतिशत माता-पिता या घर के अन्य सदस्य बच्चों को अनुशासित रखने के लिए शारीरिक दंड का उपयोग करते हैं परंतु फिर भी एक सूची जिसके अनुसार वह लोग जो कभी-कभार  बच्चों पर हाथ उठा ही देते होंगे:

  1. पुरानी पीढ़ी कैसे लोग जिनके बच्चे मार खाकर अनुशासित हो गए उन्हें लगता है कि बच्चों को मारना  ठीक है और इससे बच्चों को कोई नुकसान नहीं होता।
  2. वे सारे माता पिता जिन्हें उनके बचपन में शारीरिक दंड के द्वारा ही अनुशासित किया गया हो उनके अनुसार ऐसा करने पर बच्चे अनुचित कार्यवाही दोबारा नहीं दोहराते। 
  3. ऐसे माता-पिता जिनके बच्चे अभी बहुत छोटे हैं और उन्हें खतरे से बचाने के लिए बच्चों को आमतौर पर एक थप्पड़ या हल्की मार देना जरूरी होता है। यह माता पिता इंगित करते हैं कि यदि बच्चा किसी खतरे में हो तो उसे रोकना बहुत जरूरी होता है इसके लिए मारना एक तुरंत किया गया उपाय होता है इसका एक उदाहरण वह माता-पिता है जो अपने बच्चे को आंख में हाथ डालने से रोकने के लिए हाथ पर जोर से मारते हैं और समझाते हैं कि आग में हाथ डालने पर इससे भी ज्यादा दर्द होगा।
  4. माता पिता  या कोई वयस्क अपने आउट ऑफ कंट्रोल बच्चे को तब भी मार देते हैं जब किसी और ने विधि का प्रयोग करने के बाद भी बच्चा जानबूझकर अपना व्यवहार दोहराता है। उदाहरण के लिए यदि एक बच्चा किसी मॉल या दुकान में जाकर वहां रखा सामान उठाकर जमीन पर आ सकता है और मना करने के बाद भी यही व्यवहार दौर आता है तो  सब को हो रही असुविधा को देखते हुए देखभाल करता या माता-पिता उसे मार देते हैं। 

बच्चों को शारीरिक दंड देकर अनुशासित करना सही है या गलत यह तब तक नहीं  तय किया जा पाएगा जब तक सोच दो वर्गों में बैठी रहेगी

 आज या समाज कहते हैं कि उन्हें अनुशासन के लिए शारीरिक दंड की आवश्यकता नहीं होती मगर फिर भी  यदि जीवन में उन्होंने कम से कम एक बार शारीरिक दंड की मदद से ही अपने बच्चे को अनुशासित किया है तो यह कहना मुश्किल है कि कब बच्चों बिना शारीरिक दंड के अनुशासित रखने की एक सोच समाज में स्थापित होगी

अभी भी देर नहीं हुए और  सभी धीरे-धीरे वैकल्पिक तरीकों को अपनाना शुरू कर सकते हैं

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