अनुशासन के वैकल्पिक तरीके

शारीरिक सजा के बिनाअनुशासन के 8 वैकल्पिक तरीके

शारीरिक सजा इस देश में एक समस्या है।

शारीरिक दंड इस देश में एक समस्या है। जानिए अपने बच्चों को अनुशासन में लाने के  ऐसे आठ वैकल्पिक तरीके जब शारीरिक दंड देना आवश्यक नहीं है

किसी को अपने पति या पत्नी या किसी अजनबी को मारने की अनुमति नहीं है।  फिर क्यों दुनिया में एक छोटे और खुद से भी ज्यादा कमजोर बच्चे को मारने की अनुमति दी जानी चाहिए?  

अध्ययनों से पता चलता है कि जो बच्चे बचपन में आक्रामक  तरीकों से अनुशासित किए जाते हैं वे बड़े होकर अपने बच्चों और जीवन साथी  के साथ भी इसी तरह का दुर्व्यवहार करते हैं। वे विवादों से निपटने के के लिए हिंसक तरीकों का प्रयोग करना सीखते हैं।   

यदि बच्चे को मारना गलत नहीं है, तो कुछ भी गलत नहीं है। 

शारीरिक सजा सबसे व्यापक रूप से बहस और संवेदनशील पेरेंटिंग विषयों में से एक है। अधिकांश बाल रोग विशेषज्ञ और पेरेंटिंग विशेषज्ञ शारीरिक सजा की सलाह नहीं देते हैं। लेकिन अभी भी दुनिया भर में अधिकांश माता-पिता अपने बच्चों को पालने के लिए शारीरिक सजा के तरीकों का इस्तेमाल दबे छुपे करते हैं। यहां शारीरिक सजा में हम मारना, नोचना, दबोचना, धक्का देना शामिल करेंगे 

क्या एक बच्चे को  शारीरिक सजा देना ठीक है? 

हर माता-पिता के लिए यह एक बड़ा सवाल है। यह सवाल तब उठता है जब यह बच्चे के अनुशासन की बात आती है।

कई माता-पिता के लिए, थप्पड़ मारना बच्चे के व्यवहार को बदलने का सबसे तेज़ और सबसे प्रभावी तरीका हो सकता है।  पर इसका असर अक्सर अल्पकालिक होता है। अध्ययनों से पता चलता है कि शारीरिक दंड बच्चों के लिए  जीवन में दीर्घकालिक दुष्परिणाम  छोड़ जाते हैं।

 यदि आप अपने बच्चे को अनुशासित करने के लिए शारीरिक सजा छोड़कर कोई भी दूसरा विकल्प खोज रहे हैं तो आप  इन 8 तरीकों का प्रयोग कर सकते हैं

 आइए जाने वह तरीके जिनके द्वारा बिना मारे आप बच्चों को अनुशासित कर सकते हैं: 

🙂टाइम-आउट – अनुशासन के वैकल्पिक तरीके

 बच्चों को अनुशासित करने के लिए या उनके दुर्व्यवहार को रोकने के लिए माता-पिता उन्हें  खुद ही मरते हैं। ऐसे में जब वे बच्चे को उसकी बहन को मारने से मना करते हैं तब यह बात बच्चा समझ नहीं पाता की मारना गलत क्यों है।

 ऐसे में टाइम आउट का  उपयोग एक बेहतर विकल्प है। टाइम आउट में आप कुछ समय तक बच्चे के साथ बातचीत बंद करते  है और उसे यह बताया जाता है कि जब तक बच्चा अपना व्यवहार ना सुधार ले बातचीत दोबारा चालू नहीं होगी

 लेकिन यह तरीका तभी प्रभावी हो सकता है जब माता पिता अपने बच्चे के साथ सकारात्मक समय बिताते हैं।

  यदि माता-पिता सामान्यता ही बच्चे के साथ बातचीत का समय नहीं निकाल पा रहे तो टाइम आउट का तरीका काम नहीं आएगा। यदि  इस तरीके का ठीक से उपयोग किया जाए, तो बच्चा खुद को शांत करना सीख जाएगा, जो एक उपयोगी जीवन कौशल है।

🙂चयनात्मक अनदेखी – अनुशासन के वैकल्पिक तरीके

जब बच्चा आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए दुर्व्यवहार कर रहा होता है तब आप उसकी अनदेखी करें। चयनात्मक अनदेखी वास्तव में शारीरिक सजा की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकती है।  इसका मतलब यह नहीं कि आपका बच्चा कुछ खतरनाक या अनुचित कर रहा है और आप जानकर भी उसकी तरफ नहीं देख रहे। 

इसका मतलब है कि उनकी गतिविधियों पर ध्यान न दें जब आपका बच्चा रोना, जमीन में लौटना या शिकायत करके ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करता है।  रोना, चीजें फेंकना, जमीन में लोटना यह कुछ ऐसे उदाहरण है जो व्यवहार बच्चा माता-पिता का ध्यान आकर्षित करने के लिए करता है।

 इस तरह के व्यवहारों पर कोई प्रतिक्रिया ना करें।

फिर, जब वह अच्छी तरह से पूछता है या वह व्यवहार करता है, तो अपना ध्यान उस पर लौटाएं। समय के साथ, वह सीखेगा कि विनम्र व्यवहार आपका ध्यान पाने का सबसे अच्छा तरीका है।  

 🙂सुविधा ले लो – अनुशासन के वैकल्पिक तरीके

हालांकि   मार 1 या 2 मिनट के लिए असर  करती है परंतु सुविधा छूट जाने का असर ज्यादा लंबा होता है। बच्चे को यह बताएं की  उसके किसी व्यवहार के कारण उससे कुछ सुविधाएं वापस ली जा रही है।

 दिनभर के लिए टीवी, वीडियो गेम, उसका पसंदीदा खिलौना या घर में साथ की जाने वाली कोई एक मजेदार गतिविधि करने की अनुमति नहीं दी जाएगीI बच्चा धीरे से  उन गलतियों को नहीं दोहराएगा जिससे उसकी सुविधाएं ले ली जाते हैं।

स्पष्ट करें कि विशेषाधिकार कब वापस अर्जित किए जा सकते हैं। आमतौर पर, 24 घंटे का समय आपके बच्चे को उसकी गलती से सीखने के लिए काफी लंबा होता है। 

🙂नया कौशल सिखाएं – अनुशासन के वैकल्पिक तरीके

शारीरिक सजा के साथ एक मुख्य समस्या यह है कि यह आपके बच्चे को बेहतर व्यवहार करने का तरीका नहीं सिखाती है। जब बच्चा जिद कर रहा था तब  आपने बच्चे की पिटाई कर दी, कुछ समय के लिए वह डर के मारे चुप हो गया।

 परंतु आपने बच्चे को यह नहीं सिखाया की अगली बार जब वह किसी कारण से परेशान हो तो वह खुद को कैसे शांत कर सकता है।

बच्चे को अनुशासित करने के लिए नए और सकारात्मक तरीकों का प्रयोग करें,  दंडात्मक तरीकों का नहीं।  उसे सिखाएं कि वह अपनी समस्या का कैसे हल निकाल सकता है। किस तरह उसे अपनी भावनाओं पर पकड़ बनानी होगी। और किस तरह कभी-कभी समझौता करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। 

🙂तार्किक परिणाम  बताएं – अनुशासन के वैकल्पिक तरीके

जब बच्चा अपनी चीजों को व्यवस्थित सही जगह पर वापस नहीं रखता तब आप  बच्चे का सामान मत संभालिए।  उन्हें बताइए यदि आज   बच्चा सामान को निश्चित जगह पर नहीं रखेंगे तो कल उसे खोजने में उन्हें ही दिक्कत होगी । बच्चे के सोने के बाद आप  बच्चे का सामान कहीं और रख दें।

अगली बार  बच्चे को अपना सामान खुद ही खोजने  दे, सामान आसानी से नहीं मिलने पर बच्चा यह समझ पाएगा कि चीजों को संभाल कर रखना क्यों आवश्यक है। 

परिणाम को व्यवहार की समस्या से सीधे जोड़ने से बच्चों को यह देखने में मदद मिलती है कि यह प्रत्यक्ष परिणाम उनके ही द्वारा लिए गए निर्णय के फल स्वरुप हैं। 

🙂प्राकृतिक परिणामों की अनुमति दे – अनुशासन के वैकल्पिक तरीके

प्राकृतिक परिणाम बच्चों को अपनी गलतियों से सीखने का मौका देते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपका बच्चा कहता है कि वह जैकेट  नहीं पहनना चाहता तो आप उसे वैसे ही खेलने जाने दे, उसे बाहर जाकर जब ठंड लगेगी तब वह खुद समझ जाएंगे कि जैकेट पहनने क्यों कहा गया था।

इस तरीके का प्रयोग  करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा किसी वास्तविक खतरे में तो नहीं है।

 प्राकृतिक परिणामों का उपयोग  तब करें जब आपको लगता है कि आपका बच्चा अपनी गलतियों से सीखे।आप इस तरीके का उपयोग तब नहीं कर सकते जब उसके परिणाम स्वरूप बच्चे को चोट लग सकती या कोई बड़ी हानि हो सकती।  उदाहरण के लिए-  यदि बच्चा चाकू का प्रयोग कर रहा है तो आप यह कहकर नहीं छोड़ सकते कि बच्चा हाथ कटने पर खुद ही सीख जाएगा 

🙂अच्छे व्यवहार के लिए पुरस्कृत करें – अनुशासन के वैकल्पिक तरीके

बच्चे को गलत व्यवहार के लिए दंडित करने की बजाय अच्छे व्यवहार के लिए पुरस्कृत करें। उदाहरण के लिए, यदि आपका बच्चा अक्सर अपने भाई-बहनों के साथ लड़ता है तो यदि वह किसी समय अपने भाई बहनों की मदद करता है तो आप उस व्यवहार के लिए  अपने बच्चे को पुरस्कृत करें। 

 अच्छा व्यवहार करने पर एक प्रोत्साहन मिलने से  दुर्व्यवहार में तेजी से बदलाव आ सकता है।

पुरस्कार बच्चों को इस बात पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करते हैं कि उन्हें विशेषाधिकारों को अर्जित करने के लिए क्या करना चाहिए, बजाय इसके कि  उनको बुरे व्यवहार पर सजा दी जाएगी।

🙂बस बुराई ना खोजें – अनुशासन के वैकल्पिक तरीके

 बच्चे की उपस्थिति में किसी और के सामने अपने बच्चे की शिकायत ना करें।  इससे ना आपकी समस्या हल होगी और ना ही बच्चे का व्यवहार सुधरेगा ।अपितु बच्चे को सबके सामने हीन महसूस होगा।

 वह यह सोचने लगेगा कि यह  व्यवहार ही मेरे व्यक्तित्व का हिस्सा है।

 जब कमरे में कई बच्चे होते हैं, तो उन बच्चों पर सबसे अधिक ध्यान दें और प्रशंसा करें जो नियमों का पालन कर रहे हैं और अच्छा व्यवहार कर रहे हैं। ऐसे में जाकर अपने बच्चे को यह ना बताएं कि देखो बस तुम ही अनुशासित नहीं हो ।  इसके बदले  उसे दिखाएं की अनुशासित रहने पर प्रशंसा  प्राकृतिक रूप से होगी ही।

हर माता-पिता अपने बच्चे को अनुशासित रखना और देखना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि बच्चा उनकी उम्मीदों के हिसाब से ही चले।  बच्चों को अनुशासित रखना ठीक है परंतु उन्हें कुछ चीजें उनके हिसाब से भी करने दी जा सकती हैं। जब तक उनके किए गए कामों का कोई दुष्परिणाम नहीं हो रहा हो।  उदाहरण के लिए – यदि कोई बच्चा हर दिन अपना सामान संभाल कर रखता है। और किसी एक दिन अपने दोस्तों के साथ खेलने जाने की जल्दी में  वह अपना सामान नहीं संभाल पाता तो इसे अनुशासनहीनता ना समझे।

 हर अभिभावक  को अपने बच्चे को समझने का प्रयास भी करना चाहिए।

  बच्चा या  उससे संबंधित समस्याएं हर सुबह चाय के साथ उपभोग की जाने वाली बिस्किट नहीं है । इसका अभिप्राय यह है कि आप हर दिन बस अपने बच्चे की गलतियां  ही ना निकालते रहे।

कभी उनके साथ बैठकर उन्हें समस्याओं का हल निकालना भी सिखाए ।  हर बच्चा एक इंसान है, जिसके व्यक्तित्व का सम्मान करना हर माता-पिता के लिए भी जरूरी है।

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Published by

Roshni Shukla

Hi, I am Roshni Shukla, a Parent, Founder and Principal for an Early Years Education centre, a Parenting Coach and Parenting Blogger. My journey with and around children started in 2005. I am learning everyday with parents and children alike. Parenting isn’t a practice. It’s a daily learning experience. So here are some little tips that can make a parent ready for what is coming for them in this amazing journey called parenting. Let's together bring some change in the mindset about parenting, schooling, society, lifestyle and more.

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