Ye Dosti Special Hai

Dosti Special Hai, Happy Friendship Day. दोस्ती है ही ऐसी चीज़ जो जब तक करी ना जाए, समझ नहीं आती। ये लंबी या छोटी नहीं होती, ये बस हो जाती है। 

Sometimes God sends us Angels, disguised as Friends.


Dosti Special Hai, Happy Friendship Day. दोस्ती है ही ऐसी चीज़ जो जब तक करी ना जाए, समझ नहीं आती। ये लंबी या छोटी नहीं होती, ये बस हो जाती है।

🙂 दोस्ती वो है, जो बचपन में गुल्ली डंडे खेलने के लिए हुई थी।

दोस्ती वो है, जो हर बारिश में कीचड़ में छप्प करने वाले मुस्कुराते चहरे से हो जाती है।

🙂 दोस्ती उन भाई बहन की भी है, जो बिल्ली के बच्चे को दूध पिलाने के लिए चुपके से मां के किचन में होती है।

दोस्ती वो भी है, जो गिरा दूध पिलाने के लिए कुत्ते से होती है।

🙂 दोस्ती उस क्लासमेट से भी होती है, जो होमवर्क ने होने पर अपनी कॉपी दे दे।

Dosti Special Hai, Happy Friendship Day. दोस्ती है ही ऐसी चीज़ जो जब तक करी ना जाए, समझ नहीं आती। ये लंबी या छोटी नहीं होती, ये बस हो जाती है।

Dosti Special Hai,

दोस्ती उससे भी होती है जो, प्रैक्टिकल कॉपी में आपके लिए ड्रॉईंग बना दे।

🙂दोस्ती उन दोस्तों से भी होती है, जो साइकिल हाथ में लेकर भी पैदल साथ चलते हैं।

दोस्ती स्कूल में मिले उस पहले चहरे से भी होती है, जो आके पूछले, तू खाना लाया है कि नहीं, ले ये खा ले, मेरी मां बहुत ज्यादा देती है।

🙂दोस्ती उन आधे समोसों वाली भी होती है, जो बस स्टैंड पर जाकर पॉकेट मनी से खरीदे जाते हैं।

दोस्ती उस पुलिया वाली भी होती है, वो पूरे दिन की बात करवाती है।


Dosti Special Hai, Happy Friendship Day. दोस्ती है ही ऐसी चीज़ जो जब तक करी ना जाए, समझ नहीं आती। ये लंबी या छोटी नहीं होती, ये बस हो जाती है।

Dosti Special Hai,

🙂दोस्ती उस हॉस्टल वाले से भी होती है, जो इंजीनियरिंग की रैगिंग में पूरी रात साथ रहता है।

दोस्ती उस अनजान से भी होती है, जो गुम जाने पर रास्ता बता दे।

🙂 दोस्ती उस मां से भी होती है, जो हर बार, पापा की मार से बचा ले।

🙂दोस्ती उस पिता की भी ऐसी है, जो हर बार गलतियों पे भी बस निहारे।

दोस्ती उस मौसी से भी ऐसी है, की उससे ही लड़ के, उसकी सीढ़ी के नीचे अपना घर बना लें।


Dosti Special Hai, Happy Friendship Day. दोस्ती है ही ऐसी चीज़ जो जब तक करी ना जाए, समझ नहीं आती। ये लंबी या छोटी नहीं होती, ये बस हो जाती है।

Dosti Special Hai,

🙂 दोस्ती उन मुस्कुराते चहरों से भी है, जो हंसके भाभी कहते है।

दोस्ती उन सालों से भी है, जो जीजाजी जीजाजी कह कर साथ रहते हैं।

🙂दोस्ती उन सांस बहू की भी है, जो हर दिन लड़े, पर साथ रहती हैं।

दोस्ती उस यात्री से भी है, जो हर दिन यूं ही मुस्कुराके मिलता है।

🙂दोस्ती उस पान वाले से भी है, जो हर दिन पान के साथ एक कॉम्प्लीमेंट देता है।


Dosti Special Hai, Happy Friendship Day. दोस्ती है ही ऐसी चीज़ जो जब तक करी ना जाए, समझ नहीं आती। ये लंबी या छोटी नहीं होती, ये बस हो जाती है।

Dosti Special Hai,

🙂दोस्ती तो उस भीड़ से भी है, जो सुबह पार्क में चलती है।

दोस्ती उन चार औरतों में भी है, जो समाज में मिलती हैं।

🙂दोस्ती उस चौपाल में भी तो है, जो हर शाम मिलती है।

दोस्ती उन प्लेयर्स में भी है, जो पब जी में मिलते हैं।

🙂दोस्ती उन थके लोगों की भी है, जो हर शाम महफ़िल में मिलते हैं।


Dosti Special Hai, Happy Friendship Day. दोस्ती है ही ऐसी चीज़ जो जब तक करी ना जाए, समझ नहीं आती। ये लंबी या छोटी नहीं होती, ये बस हो जाती है।

Dosti Special Hai,

दोस्ती ये उन सबकी भी है जो बिन मिले facebook, twitter, WhatsApp में होती है।

🙂दोस्ती वो भी है वो नॉनवेज की पार्टी में बिन बोले पुलाव और टमाटर की चटनी बना दे।

दोस्ती वो भी तो है, जब पार्टी से आते हुए, वो बोले, आज गाड़ी तेरा भाई चलाएगा।

🙂दोस्ती उस रिश्ते में भी है, जो पूरी लाइफ के जुड़ते हैं।

दोस्ती वो भी है, जो कह सके हर फ्रेंड जरूरी होता है।

शायद दोस्ती हर वो रिश्ता है, जिसका कोई नाम नहीं होता।


Dosti Special Hai, Happy Friendship Day. दोस्ती है ही ऐसी चीज़ जो जब तक करी ना जाए, समझ नहीं आती। ये लंबी या छोटी नहीं होती, ये बस हो जाती है।

🌸 कुछ रिश्तों के नाम थे यूं ही, 

कुछ रिश्तों को नाम दे दिए, 

🌸 रिश्तों के काम थे यूं ही, 

कुछ रिश्तों को काम दे दिए।

Dosti Special Hai, Happy Friendship Day

Dosti Special Hai, Happy Friendship Day. दोस्ती है ही ऐसी चीज़ जो जब तक करी ना जाए, समझ नहीं आती। ये लंबी या छोटी नहीं होती, ये बस हो जाती है।

My Long Drive / मेरी वाली लॉन्ग ड्राइव/ Good weather Drive

My Long Drive

My Long Drive / वो मेरी वाली लॉन्ग ड्राइव/ Good weather Drive. जरा खिड़की खोल कर देखिए, बाहर कितना सुहावना मौसम है।

 जरा खिड़की खोल कर देखिए, बाहर मौसम कितना सुहावना है , ठंडी हवा चल रही है। आज आसमान में थोड़े बादल भी है। देखो ऊपर उस चिड़िया को, दोनो पंख फैलाए उड़ रही है। सब कुछ कितना सुंदर है। ये आसमान के बदलते रंग आंखो को कितना सुकून दे रहे हैं। चलो ड्राइव पर चले। आज तो मौसम ही लांग ड्राइव का है। वो मेरी वाली लॉन्ग ड्राइव/ My Long Drive.
Photo by Tom Fisk on Pexels.com

ठंडी हवा चल रही है। चलो long drive par चलते हैं।

My Long Drive

आज आसमान में थोड़े बादल भी हैं। देखो ऊपर उस चिड़िया को, दोनो पंख फैलाए मजे से उड़ रही है।

सब कुछ कितना सुंदर है।

ये आसमान के बदलते रंग आंखो को कितना सुकून दे रहे हैं।

चलो, आज ड्राइव पर चले। वो मेरी वाली लॉन्ग ड्राइव/ My Long Drive.

क्या! यहां से खड़े खड़े देख लूं। क्यों? बाहर क्यों नहीं जाऊं। आज ही इस मौसम का मजा क्यों नहीं ले सकते?

माना कि आज व्यस्त हैं थोड़ा, पर ऑफिस का ही तो काम है, ऑफिस में कर लेंगे ना।

खाना ही तो बनाना है, रोज ही तो बनती हूं, जरा थोड़ी देर में बना लूंगी।

अरे, बाहर धूल है तो क्या हुआ? गाड़ी का एसी चला लेंगे।

ठीक है ये मौसम भी दुबारा आएगा कभी, पर बादलों में तो ये नहीं लिखा ना, की “आज जाना मना है”।

चलो ना, आज लांग ड्राइव पर चलते हैं। वो मेरी वाली लॉन्ग ड्राइव/ My Long Drive

ये मौसम बस मेरी खिड़की का नहीं है, ये मौसम पूरे शहर का है।

देखो, बाहर वो लाला की किराने की दुकान के सामने, जो लाल मारुति 800 खड़ी है।

ट्रैफिक लाइट के लाल होने के कारण।

उसमे जो महिला बैठी है, शायद कोई भजन सुन रही है। कितना शांत है उसका मन।

बहुत सारी फाइलें पड़ी है बगल की सीट पर, पर फिर भी अभी तो वो अपने में जी रही है।

शायद उसे वो भजन याद भी हैं थोड़े, देखो ना, होंठ हिल रहे हैं, गुनगुना रही होगी।

वो मेरी वाली लॉन्ग ड्राइव/ My Long Drive

वो जो सफ़ेद स्विफ्ट खड़ी है, अरे वो वाली नहीं, वो वाली जिसे को सफ़ेद कुर्ता पहिने सफेद दाढ़ी वाले कोई बुजुर्ग चला रहे हैं।

ध्यान से देखो कार की खिड़कियां चढ़ी हैं। उनको आस पास के लोग देख रहे हैं।

पर फिर भी उनका ध्यान किसी आवाज़ पर है, जैसे, कोई उन्हें कार में ही गुरु ज्ञान दे रहा हो। 

वो मेरी वाली लॉन्ग ड्राइव/ My Long Drive. जरा खिड़की खोल कर देखिए, बाहर कितना सुहावना मौसम है। ठंडी हवा चल रही है। आज आसमान में थोड़े बादल भी है।
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My Long Drive. जरा वो बाइक देखो, शायद वो दोनो लड़कियां स्कूल में पढ़ती हैं, घर जा रही होंगी।

दिन भर स्कूल के बाद दोनो थक गई है।

फिर भी सड़क पर, अपनी बाइक में, पीछे अपनी दोस्त को बैठाए उस लड़की की मुस्कान देखो।

ऐसा स्वतंत्र महसूस करती है वो इस गाड़ी में बैठकर। उसको फिर सारे दिन घर का नियम कानून मानना, हर  बात पे टोका जाना, तुम लड़की को, जरा संभल कर चलो, अंधेरा होने से पहले लौट आयो, कपड़े तो ऐसे ही पहनो ये सब ग्वारा होता है।

चलो ना ड्राइव पर चलें। आज तो दिन ही लांग ड्राइव का है।

वो मेरी वाली लॉन्ग ड्राइव/ My Long Drive.

उस दुबले से लड़के को देखो, दुबला पतला, देखने में तो कोई मनमौजी लगता है।

अपनी ही धुन में, शायद उसे खेल कूद का भी शौक है। हेलमेट लगा हुआ है, तो चहरा नहीं दिख रहा।

पर जरा से झुके कंधों से लगता है, जिम्मेदारियां भी बहुत लिए घूम रहा है।

गाड़ी रोक पैरों को सड़क पर रख कर, जिस राहत से उसने अपनी शर्ट की कॉलर का बटन खोला है।

लगता है मौसम उसको भी अच्छा लगा है।

वो मेरी वाली लॉन्ग ड्राइव/ My Long Drive

उस बाइक को देखो ना एक माता पिता  बैठे हैं। जिस के एक हाथ में झोला है, बीच में एक बच्चा भी है।

माता पिता ने तो हेलमेट पहना है। मगर बच्चे के बाल जो हवा में उड़ कर मुंह पर आ रहे हैं, वो ही खेल बन गया है उसका।

और वो कार में बैठे पति पत्नी।

सिग्नल पर आते ही  पानी पीने बॉटल उठाई पति ने। शायद पानी है नहीं उसमे।

पत्नी ने धीरे से कार का कांच खोला।

हाथ बाहर निकाल कर शायद वो इस मौसम को अपनी मुट्ठी में भर कर अपने साथ ले जाना चाहती है।

पत्नी ने आदतन ही अपनी बॉटल निकाल कर दे दी उसे।

वो मेरी वाली लॉन्ग ड्राइव/ My Long Drive

हा हा हा, उस कुत्ते को तो देखो, अपने मालिक मालकिन के साथ कार में घूम रहा है।

कैसे खिड़की से बाहर मुंह निकले है। लगता है आज पूरी ठंडी हवा वो ही खा लेगा। लार टपका रहा है।

बगल से गुजर रहे बच्चों को देख कर खेलना चाहता है, पर कुछ बच्चे उससे डर रहे हैं, और कुछ उसको चिढ़ा रहे हैं।

मालकिन ने पीछे हाथ से चैन पकड़ रखी है, वरना तो वो आज खिड़की से कूदने को तैयार बैठा है।

उसकी इस हरकत से आगे बैठे दोनो कितना हंस रहे हैं। हर बार की कार यात्रा का ये ही खेल है।

वो मेरी वाली लॉन्ग ड्राइव/ My Long Drive

पान की दुकान के पास वाली उस बड़ी गाड़ी को देखो, guitar रखा है जिसमें पिछे।

उसमे शायद कोई संगीत प्रेमी बैठा है। पास रखी पानी की बॉटल का पानी भी बंद गाड़ी में हिल रहा है।

जरूर ज्यादा बेस में गाना चल रहा है अंदर।

गाड़ी रुकी है तो कांच में देख कर चहरे पर आ रहे बाल भी ठीक कर लिए हैं।

आजादी का ये पल तो उसे भी अच्छा लग रहा है।

चलें आज हम भी लॉन्ग ड्राइव पे। वो मेरी वाली लॉन्ग ड्राइव/ My Long Drive.

My Long Drive. उस चमकती गाड़ी को देखो,

ऐसा लगता है, आज विशेष रूप से घंटों लगा कर साफ़ हुई है।

अंदर बैठा आदमी भी बड़ा तैयार सा बैठा है।

बार बार कांच में देख कर मुस्कुरा रहा है, अपने आप से ही बातें कर रहा है।

कुछ लोग जब खुश होते हैं, तो खुद से ही बातें करने लगते हैं। मौसम का रंग तो इस पर भी चढ़ा है।

उस गाड़ी को भी देखो, पूरी भरी है।

अंदर हंसी ठहाका हो रहा है, ये लोग भी शायद आज मौसम का स्वाद चखने घर से निकले हैं।

वो मेरी वाली लॉन्ग ड्राइव/ My Long Drive

और वो वाली गाड़ी देखो, अरे वाह! देखो, उसमे पीछे की सीट लेटा कर बच्चों का कमरा बन गया है।

माता पिता आगे बैठे हैं, और बच्चे पीछे आराम से खेल रहे हैं।

My Long Drive

देखो छोटे छोटे कुशन भी पड़े हैं। शायद बच्चे खेल कर यहीं सो भी जाएं।

और जरा सड़क के उस पार, उस इमारत को देखो।

वो देखो सबसे ज्यादा हरियाली वाली वो बालकनी। वो मुझे हमेशा ही अच्छी लगती है।

कभी कभी वहां चिड़िया, कुछ अच्छे दिये लटकते है। देखो गौतम बुद्ध की एक प्रतिमा भी रखी है वहां।

अक्सर वहां से एक लड़की मुझे देख कर मुस्कुराती है। उसे भी शायद प्रकृति को देखना खूब पसंद है।

अक्सर हमारी नजरें तब टकराती है जब मैं यूं अपनी खिड़की से बाहर झांकती हूं और वो अपनी चाय का कप लिए अपनी बालकनी पे होती है। आज भी देखो वो वहीं बैठी है, मौसम से हर्षाती हुई।

वो मेरी वाली लॉन्ग ड्राइव/ My Long Drive

ओह! बच्चों को खेलने भेजने का टाइम हो गया। आज तो उनको भी मज़ा आएगी, इस मौसम में उछल कूद करने में।

चलो गाड़ी में छोड़ आते हैं उन्हें। फिर एक राउंड वो मेरी वाली लॉन्ग ड्राइव भी हो ही जाएगी। अरे, थोड़ी हिम्मत करो, चलो।

वो मेरी वाली लॉन्ग ड्राइव/ My Long Drive

फिर क्या था, बच्चों को खुशी खुशी कार में बैठकर और खिड़की खोल कर चल पड़ी हमारी गाड़ी।

रास्ते में बच्चों ने रिमोट से कई बार गाने बदले। मन किया बोलूं कोई एक गाना चलने दो, फिर लगा, उनकी भी तो लॉन्ग ड्राइव है। ग्राउंड आ गया, उन्हें उतार कर गेट तक पहुंचा दिया मैंने।

अब चलें लॉन्ग ड्राइव पर। हां, गाड़ी मै चलाऊंगी, खिड़की के कांच चढ़ा दिए। एसी दो पर सेट। मेरे मोबाइल की फेवरेट गानों वाली लिस्ट ही बजेगी आज।

वो मेरी वाली लॉन्ग ड्राइव/ My Long Drive

और ये हुई गाड़ी चालू। लंबी सड़क, महौल को सूट करते प्यारे गाने।

कार में मुझे जोर जोर से गाना पसंद है, किससे शर्म? उंगलियां अब स्टेयरिंग पर नाचने लगी, गर्दन भी लय मिलाने लगी, कंधे तो इतने खुश हैं कि ताल पर उछल रहे हैं।

बहुत खुश हूं। दिमाग भी इतना ताज़ा जैसे अभी ध्यान करके उठी हूं।

बस इस पल में हूं, पूरा जी रही हूं। कान से कान तक मुस्कुरा रही हूं। और इस गाड़ी में अकेले बस अपने लिए गा रही हूं।

वो मेरी वाली लॉन्ग ड्राइव/ My Long Drive. जरा खिड़की खोल कर देखिए, बाहर कितना सुहावना मौसम है। ठंडी हवा चल रही है। आज आसमान में थोड़े बादल भी है।
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हां, आपने सही सुना, गाड़ी में मैं अपने लिए ही मुस्कुरा रही हूं।

मुझे खुद से बातें करना अच्छा लगता है।

ये मेरे पल हैं। सब के अलावा मुझे खुद के लिए भी तो खुश होना है।

ये यहीं नहीं रुकता, मुझे गाड़ी में अकेले मुस्कुराते और गाते देख कर शायद कोई राहगीर हंस पड़े।

पर उसे क्या पता मेरी इस लॉन्ग ड्राइव का जादू।

अगली बार आप भी चलिए मेरे साथ। मैंने कई बार अपनी खिड़की से बैठे बैठे आपको देखा है उसी सिग्नल पर।

यदि आपको भी लगता है कि मैं आपकी बात कर रही हूं तो मुझे अभी यहीं बताइए।

अगली बार आप उस सिग्नल पर आएं तो देखना, बायें हाथ तरफ के घरों में से एक घर की खिड़की से मैं आपको बाहर देखती मिल जाऊंगी।

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Cafe Coffee Day/ CCD, सबसे खास कॉफी

Cafe Coffee Day, सबसे खास कॉफी।

Cafe Coffee Day, हमेशा की तरह कैफे कॉफी डे में भीड़ थी।

A lot can happen over coffee, go have one today.

शाम का समय था। आर्य और नितिन बड़े दिनों बाद इस तरह समय निकालकर कॉफी पीने आए थे।

कांच के दरवाज़े के किनारे एक छोटी सी दो कुर्सियों वाली टेबल खाली थी। आर्या जाकर वहां बैठ गई, नितिन ने भी दूसरी कुर्सी ले ली।

मेज छोटी सी थी, बैठने पर घुटने टकरा रहे थे, पर इस बात का बूरा किसे लग रहा था।

वो थी Cafe Coffee Day, सबसे खास कॉफी

मेज इतनी छोटी तो थी की दो आंखो के बीच में कोई आ भी ना सके। इतनी भीड़ में भी बस दोनों को एक दूसरे की ही बातें सुनाई दे रही थी। जैसे, वहां कोई था ही नहीं। उनके पास बात करने, याद करने और हंसने के लिए बहुत कुछ था।

नितिन  ने पूछा क्या

ऑर्डर करूं,

आर्या बोली,

आज तू रहने दे, मैं ऑर्डर करती हूं।

आर्या काउंटर पर गई और अपना ऑर्डर किया,

“दो मुस्कुराती cappuccino”।

बातों का सिलसिला शुरू हो हुआ था, वो दोनो एक दूसरे में खो से गए थे।

आर्या ने देखा उनकी कॉफी लेकर काउंटर का ट्रेनी लड़का आ रहा है पर तभी जय ने उसका रास्ता रोका और कॉफी को वापस ले जाने को कहा।

जय सीसीडी में सबसे पुराने कर्मचारियों में से एक था। जय ने वह चेहरा पहचान लिया था।

उसने ट्रेनी से धीरे से कहा,

“यही है वो, मुस्कुराते cappuccino wali।”

एक पल के भीतर ट्रेनी समझ गया कि जय का क्या मतलब है। उसने कप वापस ले लिया, सुधार किया और मेज पर जाने के लिए तैयार था।

जय ने कहा, “कृपया उसे कुछ चीनी के लिए पूछें”। उसने सहमति में सिर हिलाया।

“मेम, शुगर लेंगे?”

आर्या ने मुस्कराते हुए उत्तर दिया,

“मैं ईश्वर की सबसे प्यारी बच्ची हूँ, अभी मेरी पसंदीदा जगह पर, टेबल पर सबसे प्यारे व्यक्ति के साथ बैठी हुं, मेरे साथ ज़िन्दगी मुस्कुरा रही है, मुझे चीनी की ज़रूरत नहीं है, बस आप मेरी मुस्कुराती कॉफी मुझे दे दीजिए।

आर्या और नितिन अपनी मुस्कुराती काफी लेकर, फिर अपनी बातों में खो गए। Café Coffee Day, सबसे खास कॉफी

कॉफी भी अपना असर दिखने लगी। बातें धीरे धीरे अपना मिजाज बदल रही थीं।

सीसीडी में भरी कॉफी की खुशबू भी उन पर असर करने लगी थी।

नितिन में धीरे से अपनी कुर्सी और करीब कर ली।

अब तो दोनो पैर भी टकरा रहे थे। अब पैर भी एक दूसरे से बातें कर रहे थे।

आर्या की नजर उस दीवार पर पड़ी जहां सही ही लिखा था, “कॉफी के साथ बहुत कुछ हो सकता है”।

A lot can happen over coffee’, Café Coffee Day

ट्रेनी उन्हें उस दिन कई बार देखता रहा।   जब उससे रहा नहीं गया। उसने जय से पूछा

“उसने तुम्हे क्या बताया?”।

जय ने जवाब दिया

“बस ज़िन्दगी में हर छोटी खुशी में मुस्कुराइए, फिर ज़िन्दगी भी तुम्हारे साथ मुस्कुराएगी।”

हम नहीं जानते, आर्या और नितिन के बीच क्या कठिनायां हैं।

पर दोनो, एक दूसरे के साथ हमेशा मुस्कुराते हैं।

बस याद रखें, हम सभी किसी के खास हैं, तो चलिए मुस्कुराते हैं। जीवन निश्चित रूप से मुस्कुराएगा।

यदि आप इस विचार से सहमत हैं तो लाइक, शेयर, कमेंट करें। Café Coffee Day, सबसे खास कॉफी

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