क्या बच्चे को प्ले स्कूल भेजना जरूरी है?

 क्या आपको अपने बच्चे को प्ले स्कूल में भेजना चाहिए? 

 इसका निर्णय लेने से पहले आपको कुछ विचार  करना चाहिए

क्या बच्चे को प्ले स्कूल भेजना जरूरी है?  इसका निर्णय लेने से पहले आपको कुछ विचार  करना चाहिए
क्या बच्चे को प्ले स्कूल भेजना जरूरी है? इसका निर्णय लेने से पहले आपको कुछ विचार  करना चाहिए

 कुछ दशक पहले भारत में प्ले स्कूलों की आवश्यकता अनसुनी थी 

 बहुत कम लोग अपने बच्चों का प्ले स्कूल में दाखिला कराते थे,

फिर भी हर कोई परिपक्व, समझदार पढ़ा लिखा और और भाषा का जानकार होता था

अब हालांकि ऐसा लगता है जैसे हर माता-पिता अपने बच्चे को प्री नर्सरी या प्लेस्कूल में भेज देते हैं

 भारत में अधिकांश प्ले स्कूल निजी है

 यदि आप भी उनमें से एक है जो अपने बच्चे को प्ले स्कूल या प्री नर्सरी में भेजना चाहते हैं तो पहले इन कुछ बिंदुओं पर विचार जरूर करें 

समय

 क्या आपके पास अपने बच्चे के साथ बिताने के लिए पर्याप्त समय है? 

प्ले स्कूल में जाकर बच्चों को दूसरे बच्चों के साथ बैठने और स्कूल के वातावरण की आदत पड़ जाती है ऐसे में औपचारिक शिक्षा के लिए स्कूलों में भर्ती होने पर उन्हें कम परेशानी होती है 

 यदि आप और आपके जीवनसाथी दोनों काम के लिए घर से बाहर रहते हैं और आपके पास अधिक समय नहीं है, तो आप अपने बच्चे को पढ़ाने के लिए समय नहीं दे पाएंगे

इस अवस्था में आप अपने बच्चे को प्लेस्कूल में भर्ती करवा सकते हैं

 हालांकि अगर माता या पिता में से कोई एक घर पर रुकता है एवं अपने बच्चे को पढ़ाने का समय निकाल सकता है तो आपको अपने बच्चे को प्लेस्कूल में भर्ती करवाना  अनिवार्य नहीं है

 याद रखें बहुत छोटे बच्चों में सीखने की अद्भुत क्षमता होती है

उनका दिमाग बहुत तेज होता है, अनुकूल वातावरण मिलने पर बच्चे बहुत कुछ सीखते हैं

 शैक्षणिक दिनचर्या

 अपने बच्चे को प्ले स्कूल में डालने से पहले  प्लेस्कूल के बारे में कुछ जानकारी हासिल करें कोई ऐसा स्कूल खोजें जहां  बच्चों को सिखाने के लिए खेलकूद के तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है 

जहां आपके बच्चे को नई चीजें सीखने के लिए संघर्ष न करना  हो

सामाजिक अवसर

 प्ले स्कूल बच्चों को अन्य बच्चों के साथ मिलजुल कर रहने का अवसर प्रदान करते हैं

इसके अलावा वहां धीरे-धीरे एक अनौपचारिक तरीके से अभ्यास कराया जाता है जिससे बच्चों को औपचारिक स्कूल में भर्ती होने पर परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता

इसलिए यदि आप एक अलग-थलग पड़ोस में रहते हैं या ऐसी जगह पर जहां आपके बच्चे के उम्र के कई बच्चे नहीं है तो आप जरूर अपने बच्चे को एक प्लेस्कूल में भेजने का तय कर सकते हैं

 आपका बच्चा छोटी उम्र में कई बच्चों के साथ बातचीत करना सीखेगा 

अपने बच्चे को प्ले स्कूल भेजने के सामाजिक लाभ ले, लेकिन चमत्कार की उम्मीद ना करें

 यदि आपका बच्चा शर्मिला है तो उसे प्लेस्कूल में  भेजने मात्र से वह आत्म विश्वासी व्यक्ति नहीं बन जाएगा

अपने बच्चे के आत्मविश्वास का विकास करने के लिए आपके पास अन्य तरीके भी हैं,

यदि आपके आसपास कोई स्थानीय क्लब है  तो आप अपने बच्चे का वहां खेल में दाखिला करवा सकते हैं

दिनचर्या

 प्ले स्कूल में भेजने से आपके बच्चे की एक दिनचर्या बन जात हैं 

 हालांकि यह भी याद रखें कि जो बच्चे प्लेस्कूल में नहीं जाते वह भी 12 से 14 साल स्कूल और कॉलेज में जाकर एक दिनचर्या के आदी हो जाते हैं

 उनका व्यक्तित् उनकी सोचऔर उनके द्वारा उठाए गए कार्य पर निर्भर करता है, ना की  इस बात पर की उन्होंने अपने प्रारंभिक शिक्षा प्लेस्कूल से की है या नहीं

Read in English: Is Playschool Education Necessary?

Related topic: Happy Childhood, let me put it differently

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गृह कार्य का उद्देश्य क्या है?

क्या आपको लगता है आपके बच्चे को गृह कार्य करने में परेशानी हो रही है?  यदि हां तो जाने की गृह कार्य देने का उद्देश्य क्या होता है- 

क्या आपको लगता है आपके बच्चे को गृह कार्य करने में परेशानी हो रही है?  यदि हां तो जाने की गृह कार्य देने का उद्देश्य क्या होता है-
गृह कार्य होमवर्क क्यों दिया जाता है?

होमवर्क या गृह कार्य क्यों दिया जाता है?

गृह कार्य देना या ना देना स्कूल या शिक्षक या अन्य किसी स्थानीय दृष्टिकोण पर आधारित होता है 

 कुछ शिक्षक  दूसरी कक्षा तक बच्चों को होमवर्क नहीं देते हैं

जबकि कुछ किंडर गार्डन में गृह कार्य देना आरंभ करते हैं

 कुछ शिक्षक होमवर्क बनाते हैं जबकि अन्य पहले से तैयार वर्कशीट का  उपयोग करते हैं

अभिभावक अपने बच्चों का गृह कार्य ना करें

 अधिकांश शिक्षक गृह कार्य का उपयोग यह जानने के लिए करते है कि बच्चा क्या और कितना जानता है

  वे नहीं चाहते कि माता-पिता अपने बच्चों का होमवर्क करें

शिक्षक अभिभावकों से आशा रखते हैं कि अभिभावक सुनिश्चित करें कि होमवर्क पूरा हो गया है

यदि  अभिभावकों को कोई गलती नजर आए तो वे उसकी समीक्षा करें 

अपने बच्चों का प्रयोजन कार्य / प्रोजेक्ट ना करें

 शिक्षक नहीं चाहते कि माता-पिता अपने बच्चों का प्रयोजन कार्य/ प्रोजेक्ट बनाएं

 अपितु वे चाहते हैं कि माता-पिता अपने बच्चों का मार्गदर्शन करें और प्रोजेक्ट में लगने वाली आवश्यक वस्तुओं का प्रबंध करें

आप चाहे तो इसके बारे में शिक्षक से जानकारी लेकर अपने बच्चे के साथ इसकी समीक्षा करें

गृह कार्य एवं रोज की पढ़ाई करने के लिए घर का कोई एक स्थान निश्चित करें

 सभी बच्चों को एक ही चीज की जरूरत होती है और वह है एक साफ-सुथरी जगह

 लेकिन ध्यान रखें कि प्रत्येक बच्चा अलग तरीके से काम करता है

 कुछ अपना काम रसोई की मेज पर तो कुछ अपने कमरे की डेस्क पर करना पसंद करते हैं

स्वभाव को देखते हुए उसके बैठक की जगह और समय सुनिश्चित करें

 कुछ बच्चे स्कूल के ठीक बाद होमवर्क करना पसंद करते हैं

दूसरों को एक लंबे समय के ब्रेक की आवश्यकता होती है

कुछ बच्चों को  शाम को कुछ नाश्ता करने के बाद होमवर्क करना पसंद आता है

 यदि आपका बच्चा स्कूल से आने के बाद अन्य किसी  क्लासेस के लिए जाता है तो होमवर्क करने का कोई एक समय निर्धारित कर ले

 आप जो भी दिनचर्या चुनते हैं अपने बच्चे को उसके अनुसार कार्य करने में  मार्गदर्शन करें

जाने कि आपका बच्चा  कैसे सबसे अच्छा अध्ययन करता है

उदाहरण के लिए, 

  • कुछ बच्चे शब्दों को वर्तनी लिखकर 
  •  दूसरे उसे आंखें बंद करके और उन्हें चित्रित करके उन्हें जोर से कहते हुए सीखेंगे 
  • बच्चों को अध्ययन के लिए एक अनुकूल वातावरण की आवश्यकता होती है
  •  कुछ बच्चे  संगीत सुनना चाहते हैं
  • कुछ को और के बीच में ही रह कर पढ़ने से मदद मिलती है 

 बच्चों को अनुकूल वातावरण चाहिए

 अपने बच्चे के व्यक्तित्व के अनुसार आप उन्हें घर का वातावरण  दे

अपने बच्चे के साथ है, मगर आसपास मंडे राय नहीं

 यह ध्यान रखें कि यह उनका कार्य है, आपका नहीं

आप उनके लिए तब उपलब्ध रहें जब उन्हें आपकी जरूरत हो

  एक्सपर्ट्स के अनुसार

एक आदर्श सेटअप में माता पिता अपना काम करते रहेंगे और बच्चा पास ही बैठा अपना ग्रह कार्य कर रहा होगा

लेकिन यह हमेशा संभव नहीं है

कई बार माता-पिता के पास अपने काम होते हैं

 उन्हें काम के सिलसिले में  घर से बाहर जाना पड़ता है या फिर मां को खाना पकाने के लिए रसोई में रहना होता है

यदि आप घर पर हैं तो अपने बच्चे को बताएं कि आप सहायता के लिए उपलब्ध है पर आप साथ में अपना भी काम कर रहे हैं

 यदि आप घर पर उपलब्ध नहीं है तो सुनिश्चित करें की एक विश्वसनीय वयस्क वहां हो जो कि आवश्यकता पड़ने पर बच्चे को होमवर्क में मार्गदर्शन दे सके

 यह भी याद रखें कि हर होमवर्क एक समान नहीं होता  इसलिए हर चीज पर आपके ध्यान की आवश्यकता नहीं होती

 मीडिया एक्स्पोज़र को सीमित  करें

जब आपका बच्चा होमवर्क करता है तो टीवी बंद कर दें। जब तक किसी जानकारी के लिए कंप्यूटर की आवश्यकता ना हो उसे भी बंद रखें

  बच्चे के होमवर्क शुरू करने से पहले आप उससे पूछ सकते हैं कि उसे अपना कार्य करने में कितना समय लगेगा

 याद रखें यदि कमरे में आप टीवी देख रहे हैं तो आपके बच्चे का ध्यान गृह कार्य में नहीं लगेगा

शिक्षक को बताएं कि आपने अपने बच्चे के गृह कार्य में उसकी कितनी मदद की है

यदि आपके बच्चे को अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है या वास्तव में कुछ समझ में नहीं आया है तो शिक्षक को बताएं 

शिक्षक को सूचना देने के लिए आप निम्नलिखित तरीके अपना सकते हैं

  •  असाइनमेंट पर लिखें की कार्य अभिभावक की मदद से किया गया है  
  • डायरी में लिखे या अलग से नोट कॉपी में लगा दे 

शिक्षकों द्वारा होमवर्क करने के कई उद्देश्य हो सकते हैं

  • जिसमें अभ्यास करवाना या
  • देखना कि बच्चा कितना सीख चुका है
  • उसे किन  विषयों में मदद की आवश्यकता है मूलभूत कारण होते हैं

इस अद्भुत यात्रा में आप सभी को शुभकामनाएँ। 

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