प्ले स्कूल में बच्चे क्या सीखते हैं/सीखेंगे?

प्ले स्कूल-क्या सीखते हैं? आधुनिक जीवनशैली में जब बच्चा 2साल का हो जाता है, तो  स्वाभाविक रूप से कुछ प्रश्न माता व पिता के दिमाग में आते है:

  • बच्चे को किस प्ले स्कूल या प्राइमरी स्कूल में डाले?
  • कब डालें?
  • प्ले स्कूल में डालने से बच्चे क्या सीखेंगे?
प्ले स्कूल-क्या सीखते हैं? आधुनिक जीवनशैली में जब बच्चा 2साल का हो जाता है, तो  स्वाभाविक रूप से कुछ प्रश्न माता व पिता के दिमाग में आते है, जैसे कि बच्चे को किस प्ले स्कूल या प्राइमरी स्कूल में डाले, कब डालें, प्ले स्कूल में डालने से बच्चे क्या सीखेंगे?
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 यदि आप भी उन अभिभावकों में से एक हैं, जिन्हें अपने बच्चे को एक प्ले स्कूल में भेजने या ना भेजने के बीच निर्णय लेना है, तो उन्हें पहले प्ले स्कूल की शैक्षणिक दिनचर्या को मोटे तौर पर समझना  चाहिए।

प्ले स्कूल-क्या सीखते हैं:

प्ले स्कूल एक अनौपचारिक शैक्षणिक स्थल है

 आप मान सकते हैं कि प्ले स्कूल एक अनौपचारिक शैक्षणिक स्थल है,

जहां बच्चों को औपचारिक शिक्षा से पूर्व स्वयं और आसपास के जीवन का अवलोकन करना व उनसे सामंजस करना सिखाया जाता है।

प्ले स्कूल में डालने से बच्चे क्या सीखेंगे?

इस प्रकार प्ले स्कूल बच्चों को समझ हासिल करने में सक्षम बनाता है।

गणित का प्रारंभिक ज्ञान

 बच्चों को गणित का प्रारंभिक ज्ञान भी यहां दिया जाता है, गणित के बेसिक समझ को बच्चों तक पहुंचाने के लिए विशेष रूप से बनाई गई, आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है।

बच्चे को ठोस, हेरफेर करने वाले शब्दों के माध्यम से गणित का परिचय दिया जाता है, जो, उसे बुनियादी अवधारणाओं को समझने में सक्षम बनाता है। 

जैसे-जैसे बच्चों की उम्र बढ़ती है, वह विशेष रूप से डिज़ाइन की गई सामग्रियों का उपयोग करके जोड़, घटाव, गुणा और भाग के साथ काम करना शुरू कर देता है।

भाषा का ज्ञान

 भाषा का ज्ञान इस कार्यक्रम के  बुनियादी कौशल में शामिल है। इसकी शुरुआत,

  • सुनकर खेले जाने वाले खेल,
  • पहेलियां और अक्षरों को उंगलियों से बनाना सिखा कर, किया जाता है।
  • विशेष रूप से  डिजाइन की गई शिक्षा सामग्री बच्चों को यह समझने में सक्षम बनाती है, की अलग-अलग ध्वनियों को एक साथ कैसे जोड़ कर, हम, शब्द बना सकते हैं।

 यह क्षेत्र मौखिक भाषा,भाषा के विकास, लिखित, अभिव्यक्ति, पढ़ने और व्याकरण में पकड़ मजबूत बनाने में मदद करता है।

प्रैक्टिकल लाइफ बच्चों को टास्क  प्रबंधन

 प्रैक्टिकल लाइफ बच्चों को टास्क  प्रबंधन सिखाती है, जैसे कि

  • खुद से ठिफिन खोलकर उसमें से खाना निकालकर खाना,
  • पानी पीने के लिए बॉटल का प्रयोग करना,
  • मोजे व शूज पहनना, रुमाल रखना,
  • खुद को स्वक्छ व व्यवस्थित रखना,
  • अपने सहपाठियों, माता पिता व बुजुर्गजनों से सद्व्यवहार आचरण करना व
  • समाज के प्रति जिम्मेदार होना।

प्ले स्कूल में डालने से बच्चे क्या सीखेंगे?

 इस प्रकार प्ले स्कूल का क्षेत्र भविष्य में  मिलने वाली औपचारिक शिक्षा का मजबूत आधार है, बच्चों को किसी भी कार्य की शुरुआत, मध्य  और अंत के बीच अंतर का ज्ञान होता है।

बच्चों में स्वयं की देखभाल, आदेश का पालन, मांसपेशियों का समन्वय, पर्यावरण की देखभाल और सामाजिक संबंधों को समझने में सहायता व विकास करने में मदद करता है।

बच्चों में अपने कार्यों को खुद कर पाने का कॉन्फिडेंस/विश्वास बढ़ता है।

क्या बच्चे को प्ले स्कूल भेजना जरूरी है? पहले इन कुछ बिंदुओं पर विचार जरूर करें   क्या आपको अपने बच्चे को प्ले स्कूल भेजना चाहिए?

इस अद्भुत यात्रा में आप सभी को शुभकामनाएँ। 

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क्या बच्चे को प्ले स्कूल भेजना जरूरी है?

 क्या आपको अपने बच्चे को प्ले स्कूल में भेजना चाहिए? 

 इसका निर्णय लेने से पहले आपको कुछ विचार  करना चाहिए

क्या बच्चे को प्ले स्कूल भेजना जरूरी है?  इसका निर्णय लेने से पहले आपको कुछ विचार  करना चाहिए
क्या बच्चे को प्ले स्कूल भेजना जरूरी है? इसका निर्णय लेने से पहले आपको कुछ विचार  करना चाहिए

 कुछ दशक पहले भारत में प्ले स्कूलों की आवश्यकता अनसुनी थी 

 बहुत कम लोग अपने बच्चों का प्ले स्कूल में दाखिला कराते थे,

फिर भी हर कोई परिपक्व, समझदार पढ़ा लिखा और और भाषा का जानकार होता था

अब हालांकि ऐसा लगता है जैसे हर माता-पिता अपने बच्चे को प्री नर्सरी या प्लेस्कूल में भेज देते हैं

 भारत में अधिकांश प्ले स्कूल निजी है

 यदि आप भी उनमें से एक है जो अपने बच्चे को प्ले स्कूल या प्री नर्सरी में भेजना चाहते हैं तो पहले इन कुछ बिंदुओं पर विचार जरूर करें 

समय

 क्या आपके पास अपने बच्चे के साथ बिताने के लिए पर्याप्त समय है? 

प्ले स्कूल में जाकर बच्चों को दूसरे बच्चों के साथ बैठने और स्कूल के वातावरण की आदत पड़ जाती है ऐसे में औपचारिक शिक्षा के लिए स्कूलों में भर्ती होने पर उन्हें कम परेशानी होती है 

 यदि आप और आपके जीवनसाथी दोनों काम के लिए घर से बाहर रहते हैं और आपके पास अधिक समय नहीं है, तो आप अपने बच्चे को पढ़ाने के लिए समय नहीं दे पाएंगे

इस अवस्था में आप अपने बच्चे को प्लेस्कूल में भर्ती करवा सकते हैं

 हालांकि अगर माता या पिता में से कोई एक घर पर रुकता है एवं अपने बच्चे को पढ़ाने का समय निकाल सकता है तो आपको अपने बच्चे को प्लेस्कूल में भर्ती करवाना  अनिवार्य नहीं है

 याद रखें बहुत छोटे बच्चों में सीखने की अद्भुत क्षमता होती है

उनका दिमाग बहुत तेज होता है, अनुकूल वातावरण मिलने पर बच्चे बहुत कुछ सीखते हैं

 शैक्षणिक दिनचर्या

 अपने बच्चे को प्ले स्कूल में डालने से पहले  प्लेस्कूल के बारे में कुछ जानकारी हासिल करें कोई ऐसा स्कूल खोजें जहां  बच्चों को सिखाने के लिए खेलकूद के तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है 

जहां आपके बच्चे को नई चीजें सीखने के लिए संघर्ष न करना  हो

सामाजिक अवसर

 प्ले स्कूल बच्चों को अन्य बच्चों के साथ मिलजुल कर रहने का अवसर प्रदान करते हैं

इसके अलावा वहां धीरे-धीरे एक अनौपचारिक तरीके से अभ्यास कराया जाता है जिससे बच्चों को औपचारिक स्कूल में भर्ती होने पर परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता

इसलिए यदि आप एक अलग-थलग पड़ोस में रहते हैं या ऐसी जगह पर जहां आपके बच्चे के उम्र के कई बच्चे नहीं है तो आप जरूर अपने बच्चे को एक प्लेस्कूल में भेजने का तय कर सकते हैं

 आपका बच्चा छोटी उम्र में कई बच्चों के साथ बातचीत करना सीखेगा 

अपने बच्चे को प्ले स्कूल भेजने के सामाजिक लाभ ले, लेकिन चमत्कार की उम्मीद ना करें

 यदि आपका बच्चा शर्मिला है तो उसे प्लेस्कूल में  भेजने मात्र से वह आत्म विश्वासी व्यक्ति नहीं बन जाएगा

अपने बच्चे के आत्मविश्वास का विकास करने के लिए आपके पास अन्य तरीके भी हैं,

यदि आपके आसपास कोई स्थानीय क्लब है  तो आप अपने बच्चे का वहां खेल में दाखिला करवा सकते हैं

दिनचर्या

 प्ले स्कूल में भेजने से आपके बच्चे की एक दिनचर्या बन जात हैं 

 हालांकि यह भी याद रखें कि जो बच्चे प्लेस्कूल में नहीं जाते वह भी 12 से 14 साल स्कूल और कॉलेज में जाकर एक दिनचर्या के आदी हो जाते हैं

 उनका व्यक्तित् उनकी सोचऔर उनके द्वारा उठाए गए कार्य पर निर्भर करता है, ना की  इस बात पर की उन्होंने अपने प्रारंभिक शिक्षा प्लेस्कूल से की है या नहीं

Read in English: Is Playschool Education Necessary?

Related topic: Happy Childhood, let me put it differently

इस अद्भुत यात्रा में आप सभी को शुभकामनाएँ। 

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