क्या होगा अगर मेरा बच्चा खाना नहीं चाहता है?

अनिल एक बहुत चंचल बच्चा है, क्लास में भी हर गतिविधि में बाकी बच्चों कि ही तरह भाग लेता रहा है। घर में भी उसे देख कर किसी को खास चिंता नहीं होती थी। मगर पिछले तीन चार महीनों से उसकी ये आदतें बदल सी गई है। वह अब सुस्त और गुमसुम सा रहता है। ज्यादा देर खेलता भी नहीं। पूरे दिन चिडचिड़ा सा रहता है। अब शाम को खेलने या पड़ने में भी उसका मन नहीं लगता। अनिल के घर वाले ये सब महसूस कर रहे हैं। 

क्या होगा अगर बच्चा खाना नहीं खाना चाहते?

अब इस तरह की समस्या के समाधान दो आसान उपाय हो सकते हैं। 

1. यह निश्चित करना की बच्चा बीमार नहीं है या पेट में कीड़े नहीं है, आप डॉक्टर से परामर्श  करें।

2. क्या बच्चे की दिनचर्या में ऐसा कोई बदलाव आया है, जिसके कारण वो ऐसा कर रहा है। 

पहली स्थिति में तो डॉक्टर के दिए दिशा निर्देशों का पालन करें। दूसरी स्थिति में बहुत से कारण हो सकते हैं। जिनमे से सबसे आसानी के सुधार पाने वाला कारण भोजन  से सम्बन्धित हो सकता है। यदि हाल ही में आपके बच्चे की खुराक में बदलाव आया है तो यह भी व्यवहार में बदलाव का कारण हो सकता है। 

बच्चे की बदलती खुराक के कई कारण हो सकते हैं:

  • उनका मूड – वह थका हुआ, परेशान या उत्तेजित महसूस करेगा तो उनकी खुराक में बदलाव होगा। 
  •   उनकी सेहत : बच्चों की सेहत ठीक नहीं होने पर भी उनकी खुराक कम हो जाती है। ऐसे में जब बच्चे ठीक हो जाते हैं, तो वापस खुराक में सुधार आने लगता है। 
  • दिन का समय: यदि हर दिन भोजन करने के समय में बदलाव आता है, तो खुराक भी अलग हो सकती है। 
  • भोजन के प्रकार की पेशकश: परोसे गए भोजन का भी खुराक पर असर होता है। यदि बच्चे ने नाश्ता बहुत सारा या गरिष्ट किया है तो भी उस भूख कम लगेगी। भोजन बच्चे की पसंद का है या नहीं यह भी खुराक में बदलाव लाता है।
  • वे कितने सक्रिय हैं। यदि बच्चा सामान्य रूप से खेलता है या दिन में ज्यादा समय बैठ कर बीतता है तो दोनो स्थिति में उसकी खुराक में अंतर होगा।

यदि आपका बच्चा कभी-कभी भोजन नहीं करता या बहुत कम खाता है तो यह ठीक है। एक बार का भोजन या स्नैक  छूट जाने से बच्चे के स्वास्थ को नुकसान नहीं पहुंचता। “नहीं” कहना आपके बच्चे की पसंद या आज़ादी का तरीका भी है।

यदि आपका बच्चा खाने के लिए नहीं बैठ सकता है, तो भोजन या नाश्ते से पहले कुछ समय उस शांत वातावरण दें। भोजन के समय को शांत रखें और टीवी, सेल फोन, टैबलेट और कंप्यूटर बंद कर दें।खाने के लिए पुरस्कार के रूप में मिठाई या पसंदीदा भोजन का उपयोग करना आवश्यक नहीं है। यदि आपका बच्चा भोजन पसंद नहीं करता है, या खाना नहीं चाहता है, तो भोजन को हटा दें और 1 से 2 घंटे बाद एक स्वस्थ नाश्ता पेश करें।

इस तरह उस धीरे से ये समझ में आएगा कि खाना हर समय उपलब्ध नहीं होगा। उस जब भोजन परोसा गया है, तब नहीं खाने पर, फिर उसे अगले कुछ घंटे कुछ नहीं मिलेगा। इस तरह उसकी आदत पड़ जाएगी।

शुरू में ऐसा करना थोड़ा कठिन होगा या अच्छा नहीं लगेगा, मगर, एक दो हफ्ते में बच्चे की खुराक और आदतों में बदलाव जरूर आयेगा।

अपने और बच्चे के  जीवन को आसान करने के लिए आप सभी को शुभकामनाएं

मुझे अपने बच्चे को कब खाना परोसना चाहिए?

बच्चों को खाना खिलाना, मां का दिन भर का सबसे बड़ा काम हो सकता है, और सबसे ज्यादा समय लेने वाला भी। इसी बीच जब बच्चे की थाली परोस दी गई है, पर वह नहीं खाता तो, मां, दिन भर उसके खाने की चिंता करती रहती है। ऐसे में एक प्रश्न जो मां के दिमाग में आता है –

मुझे अपने बच्चे को कब खाना परोसना चाहिए?

अक्सर इस प्रश्न के कई तरह के उत्तर मिलते हैं, जो, आस पास के लोग या घर के बड़ों के हम तक पहुंचते हैं।
अक्सर हम पूरे समय बच्चे के पीछे खाना लेकर घूमते रहते हैं। और कई बार हम बच्चे को जबरदस्ती खिलते है।

अब आप ये तरीके भी अपनाकर देखें।

1. पूरे दिन खाने के लिए पीछे भागने के बदले, अपने बच्चे को दिन में 3 बार नाश्ता और 2 बार पूरा भोजन दें। हर दिन लगभग एक ही समय पर भोजन और नाश्ता परोसने का प्रयास करें। भोजन और नाश्ते का एक योजना बद्ध अनुकरण आपके बच्चे में खाने की आदतों को विकसित करने में मदद कर सकती है।

2. आपके बच्चे को आपके मुकाबले खाने में अधिक समय लग सकता है। उन्हें खाने को खत्म करने का समय दें। यदि आपको लगता है कि बच्चे का खाने में मन नहीं लग रहा और वो खाने से खेल कर रहा है, तो उसके सामने के खाना हटा दें, और उसको मेज से उतर कर खेलने छोड़ दें। इस तरह धीरे से बच्चा ये समझ जाएगा कि खेलना और खाना एक साथ नहीं हो सकता।

यदि बच्चे को कोई स्वस्थ से सम्बन्धित दिक्कत नहीं है, और वह रोज खेल कूद कर रहा है तो निश्चित रहें। बच्चे कभी भी भूखे नहीं रहते, वो अपनी आवशयकताओं के अनुसार खा लेते हैं।

बच्चे को दिन भर ना खिलाएं, फिर उससे भूख का अहसास नहीं होता।

Bag your opportunity

Momspresso

Check out this interesting short story
“Bag your opportunity” by Happy Heart.
Read Here: https://www.momspresso.com/parenting/light-silver-line-of-hope/story/bag-your-opportunity

How much food my child needs?

This is one more question that arises in parent’s mind everyday while serving food

How much food my child needs?

The appetite of young children can change from one day to the next.

Photo by Tiago Pereira on Pexels.com

As parents or caregivers, you decide:
• What kind of food we serve to our child
• What time of day are we serving food
• the place where the food will be served

Your child decides:
• among all the food that is serve, which ones are worth eating. And which are not appealing, and can be rejected by saying no or by showing tantrums.
• how much should I eat.

Start feeding your child in small amounts and let them re-ask if needed. Your child will respond according to his need.

Occasionally, your child will starve and eat a lot. And will eat less when not much Hungry. This is normal. If your child is not hungry, do not pressurise or bribe him to eat or to finish the meal.
If you have any questions about your child’s development or hunger, talk to your doctor.