Cafe Coffee Day/ CCD, सबसे खास कॉफी

Cafe Coffee Day, सबसे खास कॉफी।

Cafe Coffee Day, हमेशा की तरह कैफे कॉफी डे में भीड़ थी।

A lot can happen over coffee, go have one today.

शाम का समय था। आर्य और नितिन बड़े दिनों बाद इस तरह समय निकालकर कॉफी पीने आए थे।

कांच के दरवाज़े के किनारे एक छोटी सी दो कुर्सियों वाली टेबल खाली थी। आर्या जाकर वहां बैठ गई, नितिन ने भी दूसरी कुर्सी ले ली।

मेज छोटी सी थी, बैठने पर घुटने टकरा रहे थे, पर इस बात का बूरा किसे लग रहा था।

वो थी Cafe Coffee Day, सबसे खास कॉफी

मेज इतनी छोटी तो थी की दो आंखो के बीच में कोई आ भी ना सके। इतनी भीड़ में भी बस दोनों को एक दूसरे की ही बातें सुनाई दे रही थी। जैसे, वहां कोई था ही नहीं। उनके पास बात करने, याद करने और हंसने के लिए बहुत कुछ था।

नितिन  ने पूछा क्या

ऑर्डर करूं,

आर्या बोली,

आज तू रहने दे, मैं ऑर्डर करती हूं।

आर्या काउंटर पर गई और अपना ऑर्डर किया,

“दो मुस्कुराती cappuccino”।

बातों का सिलसिला शुरू हो हुआ था, वो दोनो एक दूसरे में खो से गए थे।

आर्या ने देखा उनकी कॉफी लेकर काउंटर का ट्रेनी लड़का आ रहा है पर तभी जय ने उसका रास्ता रोका और कॉफी को वापस ले जाने को कहा।

जय सीसीडी में सबसे पुराने कर्मचारियों में से एक था। जय ने वह चेहरा पहचान लिया था।

उसने ट्रेनी से धीरे से कहा,

“यही है वो, मुस्कुराते cappuccino wali।”

एक पल के भीतर ट्रेनी समझ गया कि जय का क्या मतलब है। उसने कप वापस ले लिया, सुधार किया और मेज पर जाने के लिए तैयार था।

जय ने कहा, “कृपया उसे कुछ चीनी के लिए पूछें”। उसने सहमति में सिर हिलाया।

“मेम, शुगर लेंगे?”

आर्या ने मुस्कराते हुए उत्तर दिया,

“मैं ईश्वर की सबसे प्यारी बच्ची हूँ, अभी मेरी पसंदीदा जगह पर, टेबल पर सबसे प्यारे व्यक्ति के साथ बैठी हुं, मेरे साथ ज़िन्दगी मुस्कुरा रही है, मुझे चीनी की ज़रूरत नहीं है, बस आप मेरी मुस्कुराती कॉफी मुझे दे दीजिए।

आर्या और नितिन अपनी मुस्कुराती काफी लेकर, फिर अपनी बातों में खो गए। Café Coffee Day, सबसे खास कॉफी

कॉफी भी अपना असर दिखने लगी। बातें धीरे धीरे अपना मिजाज बदल रही थीं।

सीसीडी में भरी कॉफी की खुशबू भी उन पर असर करने लगी थी।

नितिन में धीरे से अपनी कुर्सी और करीब कर ली।

अब तो दोनो पैर भी टकरा रहे थे। अब पैर भी एक दूसरे से बातें कर रहे थे।

आर्या की नजर उस दीवार पर पड़ी जहां सही ही लिखा था, “कॉफी के साथ बहुत कुछ हो सकता है”।

A lot can happen over coffee’, Café Coffee Day

ट्रेनी उन्हें उस दिन कई बार देखता रहा।   जब उससे रहा नहीं गया। उसने जय से पूछा

“उसने तुम्हे क्या बताया?”।

जय ने जवाब दिया

“बस ज़िन्दगी में हर छोटी खुशी में मुस्कुराइए, फिर ज़िन्दगी भी तुम्हारे साथ मुस्कुराएगी।”

हम नहीं जानते, आर्या और नितिन के बीच क्या कठिनायां हैं।

पर दोनो, एक दूसरे के साथ हमेशा मुस्कुराते हैं।

बस याद रखें, हम सभी किसी के खास हैं, तो चलिए मुस्कुराते हैं। जीवन निश्चित रूप से मुस्कुराएगा।

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